Satsang notes morning (02aug 2021)
2 aug
मनोबल आएगा तो दुबले पतले आदमी भी प्रभावशाली लगेगे
भावना वाले को आत्मीयता लाना चाहिए
वासना से बचना हो तो भगवत रस बढ़ाओ, बहिर्कुम्भक प्रणायम करें, ओम आर्यमाय नम, सर्वागासन आसन स्वास बाहर निकालकर, कमर गर्दन सीधी रखे, ओम एम नम का जप स्मृति के लिए जपे, मत्था टेक करें
सुख दुख के वियोग का याद करें की आखिर ये कब तक रहेगा
नजरें बदली तो निजारे बदले, किश्ती ने बदले रुख तो किनारे बदले
असाधन करके साधन से नीचे गिर जाते है, असाधन छोड़ दो, जो बिन जरूरी है उसे छोड़ दो, ना करने, ना सुनने का ज्यादा करते है, इसलिय हमारी शक्ति क्षीण होती हैं, नाडी शोधन करें तो बिमारी दूर होगी
Every man is the god but playing the fool।
झूठ न बोलें। समाज मे प्रतिष्ठा क्षीण होती हैं
जगत का फालतु चिंतन याद मत रखो, उसमे मजा खोज लो, बाकि से मुंह फेर लो, मन तु राम भजन कर जग मरे तो मरने दो
छोटी बच्ची का मा से बार बार पुछवाना कि ट्रेन कितने बजे आएगी, और बताने वाले का बार बार चिढ़ कर बोलना, बच्ची का मजा लेना
अष्टदल कमल खिलने वाला ध्यान… ..
- मनोबल आएगा तो दुबले पतले आदमी भी प्रभावशाली लगेगे
- भावना वाले को आत्मीयता लाना चाहिए
- वासना से बचना हो तो भगवत रस बढ़ाओ, बहिर्कुम्भक प्रणायम करें, ओम आर्यमाय नम, सर्वागासन आसन स्वास बाहर निकालकर, कमर गर्दन सीधी रखे, ओम एम नम का जप स्मृति के लिए जपे, मत्था टेक करें
- सुख दुख के वियोग का याद करें की आखिर ये कब तक रहेगा
- नजरें बदली तो निजारे बदले, किश्ती ने बदले रुख तो किनारे बदले
- असाधन करके साधन से नीचे गिर जाते है, असाधन छोड़ दो, जो बिन जरूरी है उसे छोड़ दो, ना करने, ना सुनने का ज्यादा करते है, इसलिय हमारी शक्ति क्षीण होती हैं, नाडी शोधन करें तो बिमारी दूर होगी
- Every man is the god but playing the fool।
- झूठ न बोलें। समाज मे प्रतिष्ठा क्षीण होती हैं
- जगत का फालतु चिंतन याद मत रखो, उसमे मजा खोज लो, बाकि से मुंह फेर लो, मन तु राम भजन कर जग मरे तो मरने दो
- छोटी बच्ची का मा से बार बार पुछवाना कि ट्रेन कितने बजे आएगी, और बताने वाले का बार बार चिढ़ कर बोलना, बच्ची का मजा लेना
- अष्टदल कमल खिलने वाला ध्यान…
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