Satsang notes morning (17aug 2021)

 
 
  • 17 aug

  • समय बड़ा कीमती और कम है, और इसमे काम बनाना है नही तो फिर पछताना ही रहा.. 

  • मा से हमारा पहला शरीर का जन्म और गुरू की दीक्षा से दुसरा जन्म होता है… 

  • गुरू बनना यानि सहस्त्र मुद्रा दान करना, कंगले आदमी का काम नही… 

  • जो पूछे लाल बुझ कड़ और ना पूछे कोई 

  • पैर मे चक्की बांध के, हिरण आया कोई,,, लाल बूझकड़ गुरू

  • ब्रह्म लोक के ऐश्वर्य ,स्वर्ग के प्रलोभन को भी ठुकराने का सामर्थ्य जिसमें हो, वो सद्गुरु होते है… 

  • विषय की आसक्ति होने से और हम इसके योगय नही है, ऐसे विचार से परमात्मा प्राप्ति नही हो सकती… 

  • संयम, सदाचार और पुरुषार्थ ये तीनों सद्गुण शिष्य में होना चाहिए… 

  • शिष्य में या तो श्रद्धां नही होगी श्रद्धां होगी तो भी दोष देखेंगे कि गुरू जी को ऐसा नही करना चाहिए

  • हां हां सबकी करना अपनी गली मत भूलना…. 

  • गुरु धोबी शिष्य कपडा, साबुन सृजन हार

  • सुरति शीला पर बेठ कर निकसे मेल अपार

  • शिष्य की श्रद्धां और गुरु की करुणा से कल्याण होता है.. 

  • शिष्य भीतर से जितना नम्र और श्रद्धांवान होगा उतना ही गुरू कृपा मिलती जाती हैं… 

  • जब मै था तो तु नही जब तु है तो मै नही… . 

  • इश्क करना जान बचाना, ये भी कोई हो सकता है

  • आशिकी दिल मे लगी हो तो चेन से कोई सो सकता है

  • जो अधिकारी है उन्हें बोलने की जरूरत नहीं और जो अनाधिकारी है उनके लिय क्या बोलना.. बुद्ध का प्रसंग


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